श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श  »  श्लोक 47
 
 
श्लोक  2.24.47 
অদ্বৈত বলযে,—“প্রভু পূর্বে অর্জুনেরে
যাহা দেখাইলে তাহা ইচ্ছা বড করে”
अद्वैत बलये,—“प्रभु पूर्वे अर्जुनेरे
याहा देखाइले ताहा इच्छा बड करे”
 
 
अनुवाद
अद्वैत ने उत्तर दिया, "हे प्रभु, मुझे उस रूप को देखने की तीव्र इच्छा है जो आपने पहले अर्जुन को दिखाया था।"
 
Advaita replied, “O Lord, I have a strong desire to see the form that You showed to Arjuna earlier.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)