श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  2.24.46 
তথাপিহ বৈভব দেখিতে কিছু চাই”
প্রভু বলে,—“কি বা ইচ্ছা বল মোর ঠাঙি”
तथापिह वैभव देखिते किछु चाइ”
प्रभु बले,—“कि वा इच्छा बल मोर ठाङि”
 
 
अनुवाद
“फिर भी मैं आपके कुछ ऐश्वर्य देखना चाहता हूँ।” प्रभु ने कहा, “मुझे ठीक-ठीक बताइए कि आप क्या चाहते हैं।”
 
“Still, I want to see some of your wealth,” said the Lord. “Tell me exactly what you want.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)