श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  2.24.29 
সুখ-ময হৈলেন সর্ব ভক্ত-গণ
আনন্দে করেন সবে কৃষ্ণ-সঙ্কীর্তন
सुख-मय हैलेन सर्व भक्त-गण
आनन्दे करेन सबे कृष्ण-सङ्कीर्तन
 
 
अनुवाद
सभी भक्तगण प्रसन्नता से भर गए तथा कृष्ण के नामों के सामूहिक कीर्तन में आनंदित हो गए।
 
All the devotees were filled with joy and delighted in the collective chanting of Krishna's names.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)