vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 24: भगवान का अद्वैत को अपना विश्वरूप का प्रदर्श
»
श्लोक 22
श्लोक
2.24.22
ক্ষণে পৃথিবীতে লেখে ত্রিভঙ্গ-আকৃতি
চাহিযা রোদন করে, ভাসে সব ক্ষিতি
क्षणे पृथिवीते लेखे त्रिभङ्ग-आकृति
चाहिया रोदन करे, भासे सब क्षिति
अनुवाद
कभी-कभी वे धरती पर तीन गुना झुकी हुई आकृति बनाते थे और फिर उस आकृति को देखते हुए धरती को आँसुओं से भिगो देते थे।
Sometimes he would draw a threefold bowed figure on the ground and then, looking at that figure, would wet the ground with tears.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×