किसी ने कहा, "कलियुग में कैसा वैष्णव हो सकता है? जो वैष्णव हम देखते हैं, वे तो बस अपना पेट भरने में लगे रहते हैं।"
Someone said, "What kind of Vaishnava can there be in Kaliyuga? The Vaishnavas we see are only busy filling their stomachs."
तात्पर्य
निंदक लोग कभी यह कहते हैं कि वैष्णव तो सिर्फ़ पेट भरने के लिए काम करते हैं। उनका विचार है कि विशेषकर कलह के इस दौर में वैष्णवों को ढूँढना या विष्णु जी की भक्ति को प्राप्त करना असंभव है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥