श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 66
 
 
श्लोक  2.23.66 
আমরা সবার যদি তাঙ্ঽকে ভক্তি থাকে
তবে নৃত্য অবশ্য দেখিব কোন পাকে”
आमरा सबार यदि ताङ्ऽके भक्ति थाके
तबे नृत्य अवश्य देखिब कोन पाके”
 
 
अनुवाद
"यदि हम उनके प्रति समर्पित हैं, तो किसी न किसी तरह हम एक दिन उनका नृत्य अवश्य देखेंगे।"
 
“If we are devoted to Him, somehow we will see His dance one day.”
तात्पर्य
पाके शब्द का अर्थ है "किसी परिस्थिति में" या "किसी न किसी तरह से।"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)