श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  2.23.65 
তেঙ্হো সে কৃষ্ণের ভক্ত,—জানেন সকল
তাঙ্হার হৃদয পুনি পরম নির্মল
तेङ्हो से कृष्णेर भक्त,—जानेन सकल
ताङ्हार हृदय पुनि परम निर्मल
 
 
अनुवाद
"वह कृष्ण का भक्त है, इसलिए वह सब कुछ जानता है। इसके अलावा, उसका हृदय अत्यंत पवित्र है।"
 
"He is a devotee of Krishna, so he knows everything. Besides, his heart is extremely pure."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)