श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 63
 
 
श्लोक  2.23.63 
পাপিষ্ঠ-পাষণ্ডী সব, সবে নিন্দা জানে
বঞ্চিত হৈযা মরে এ-হেন কীর্তনে
पापिष्ठ-पाषण्डी सब, सबे निन्दा जाने
वञ्चित हैया मरे ए-हेन कीर्तने
 
 
अनुवाद
"ये सब पापी नास्तिक हैं जिनका एकमात्र काम ईशनिंदा करना है। वे ऐसे कीर्तन देखने से वंचित रह जाते हैं, इसलिए उन्हें बस कष्ट सहना पड़ता है।"
 
"These are all sinful atheists whose only job is to blaspheme. They are deprived of seeing such kirtans, so they simply have to suffer."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)