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श्लोक 2.23.6  |
প্রতি-দিন নিশাভাগে করযে কীর্তন
ভক্ত-বিনু থাকিতে না পায অন্য জন |
प्रति-दिन निशाभागे करये कीर्तन
भक्त-विनु थाकिते ना पाय अन्य जन |
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| अनुवाद |
| भगवान हर रात कीर्तन करते थे। भक्तों के अलावा कोई भी इसमें भाग नहीं ले सकता था। |
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| The Lord performed kirtan every night, and no one except his devotees could participate. |
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