श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 533
 
 
श्लोक  2.23.533 
অদ্বৈতের পক্ষ লঞা নিন্দে গদাধর
সে পাপিষ্ঠ কভু নহে অদ্বৈত-কিঙ্কর
अद्वैतेर पक्ष लञा निन्दे गदाधर
से पापिष्ठ कभु नहे अद्वैत-किङ्कर
 
 
अनुवाद
वह पापी व्यक्ति जो अद्वैत का पक्ष लेता है और गदाधर की निंदा करता है, वह कभी भी अद्वैत का सेवक नहीं हो सकता।
 
That sinful person who takes the side of Advaita and slanders Gadadhara can never be a servant of Advaita.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)