श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 532
 
 
श्लोक  2.23.532 
সর্ব-গোষ্ঠী-সহিত গৌরাঙ্গ জয জয
শুনিলেই মধ্য-খণ্ড ভক্তি লভ্য হয
सर्व-गोष्ठी-सहित गौराङ्ग जय जय
शुनिलेइ मध्य-खण्ड भक्ति लभ्य हय
 
 
अनुवाद
गौरांग और उनके गणों की जय हो! मध्यखण्ड की कथा सुनने मात्र से ही भक्ति प्राप्त हो जाती है।
 
Glory to Gauranga and his followers! Just by listening to the Madhyakhanda story, one attains devotion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)