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श्लोक 2.23.523  |
চৈতন্য-প্রিযের পাযে মোর নমস্কার
অবধূত-চন্দ্র প্রভু হৌক্ আমার |
चैतन्य-प्रियेर पाये मोर नमस्कार
अवधूत-चन्द्र प्रभु हौक् आमार |
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| अनुवाद |
| मैं भगवान चैतन्य के प्रिय भक्तों के चरणों में प्रणाम करता हूँ, जिससे अवधूतचन्द्र मेरे भगवान बन सकें। |
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| I bow at the feet of the beloved devotees of Lord Chaitanya, so that Avadhutachandra may become my Lord. |
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