श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 521
 
 
श्लोक  2.23.521 
যে-সে-কেনে চৈতন্যের নিত্যানন্দ নহে
তবু সে চরণ-ধন রহুক হৃদযে
ये-से-केने चैतन्येर नित्यानन्द नहे
तबु से चरण-धन रहुक हृदये
 
 
अनुवाद
चाहे नित्यानन्द का भगवान चैतन्य के साथ कोई भी सम्बन्ध हो, मैं उनके चरणकमलों का खजाना अपने हृदय में रखता हूँ।
 
Whatever may be Nityananda's relationship with Lord Chaitanya, I treasure his feet in my heart.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)