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श्लोक 2.23.51  |
সেবক হৈলে এই মত বুদ্ধি হয
সেবকে সে প্রভুর সকল দণ্ড সয |
सेवक हैले एइ मत बुद्धि हय
सेवके से प्रभुर सकल दण्ड सय |
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| अनुवाद |
| केवल भगवान का सेवक ही ऐसी मानसिकता विकसित कर पाता है और भगवान की ताड़ना को सहन कर पाता है। |
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| Only a servant of God can develop such a mentality and endure God's chastisement. |
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