श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 499
 
 
श्लोक  2.23.499 
ঽএক নিশাঽ হেন জ্ঞান না করিহ মনে
কত কল্প গেল সেই নিশার কীর্তনে
ऽएक निशाऽ हेन ज्ञान ना करिह मने
कत कल्प गेल सेइ निशार कीर्तने
 
 
अनुवाद
ऐसा मत सोचो कि कीर्तन केवल एक रात चला, क्योंकि उस रात कई कल्प बीत गए।
 
Do not think that the kirtan lasted only one night, because many kalpas passed in that night.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)