श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 491
 
 
श्लोक  2.23.491 
প্রিয-গণে চতুর্-দিকে গায মহা-রসে
নিত্যানন্দ গদাধর শোভে দুই পাশে
प्रिय-गणे चतुर्-दिके गाय महा-रसे
नित्यानन्द गदाधर शोभे दुइ पाशे
 
 
अनुवाद
उनके अंतरंग पार्षद चारों दिशाओं में बड़े आनंद से गा रहे थे, जबकि नित्यानंद और गदाधर भगवान के दोनों ओर नृत्य कर रहे थे।
 
His intimate associates were singing with great joy in all directions, while Nityananda and Gadadhara were dancing on either side of the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)