श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 489
 
 
श्लोक  2.23.489 
“কি জল করিল পান ত্রিদশের রায”
নাচযে শ্রীধর, কান্দে, করে ঽহায হাযঽ
“कि जल करिल पान त्रिदशेर राय”
नाचये श्रीधर, कान्दे, करे ऽहाय हायऽ
 
 
अनुवाद
श्रीधर नाचने लगे, रोने लगे और विलाप करने लगे, "हाय, भगवान त्रिदशा राय ने कैसा जल पी लिया?"
 
Sridhar started dancing, crying and lamenting, "Alas, what kind of water did Lord Tridasha Raya drink?"
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)