|
| |
| |
श्लोक 2.23.457  |
লৌহ-জলপাত্র, তাঽতে বাহিরের জল
পরম-আদরে পান কৈলেন সকল |
लौह-जलपात्र, ताऽते बाहिरेर जल
परम-आदरे पान कैलेन सकल |
| |
| |
| अनुवाद |
| यह एक लोहे का घड़ा था जिसमें पानी भरा हुआ था, जो बाहरी उपयोग के लिए था, फिर भी भगवान ने बड़े प्रेम से इसे पी लिया। |
| |
| It was an iron pot filled with water, meant for external use, yet the Lord drank it with great love. |
| ✨ ai-generated |
| |
|