श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 453
 
 
श्लोक  2.23.453 
লক্ষ কোটি লোক কান্দে শিরে দিযা হাত
“কৃষ্ণ রে ঠাকুর মোর অনাথের নাথ”
लक्ष कोटि लोक कान्दे शिरे दिया हात
“कृष्ण रे ठाकुर मोर अनाथेर नाथ”
 
 
अनुवाद
लाखों लोगों ने अपना सिर पकड़ लिया, रोये और कहा, “हे प्यारे कृष्ण, हे मेरे भगवान, हे असहायों के भगवान!”
 
Millions of people held their heads, cried and said, “O dear Krishna, O my Lord, O Lord of the helpless!”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)