श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 436
 
 
श्लोक  2.23.436 
সর্ব-মুখে ঽহরিঽ নাম শুনিঽ প্রভু হাসে
নাচিযা চলিলা প্রভু শ্রীধরের বাসে
सर्व-मुखे ऽहरिऽ नाम शुनिऽ प्रभु हासे
नाचिया चलिला प्रभु श्रीधरेर वासे
 
 
अनुवाद
सबके मुख से हरि नाम का उच्चारण सुनकर भगवान मुस्कुराए। फिर भगवान नाचते हुए सड़क पर श्रीधर के घर पहुँचे।
 
Hearing everyone chant the name Hari, the Lord smiled. Then, dancing, the Lord reached Sridhar's house on the road.
तात्पर्य
बुनकरों के गाँव से श्री गौरसुन्दर श्रीधर जी के आँगन में गये।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)