श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 432
 
 
श्लोक  2.23.432 
প্রতি-দ্বারে পূর্ণ-কুম্ভ রম্ভা আম্রসার
নারী-গণে ঽহরিঽ বলিঽ দেয জযকার
प्रति-द्वारे पूर्ण-कुम्भ रम्भा आम्रसार
नारी-गणे ऽहरिऽ बलिऽ देय जयकार
 
 
अनुवाद
हर घर के दरवाजे पर भरे हुए जल के बर्तन, केले और आम के पत्ते रखे हुए थे। स्त्रियाँ मंगल ध्वनि कर रही थीं और हरि नाम का जाप कर रही थीं।
 
Pots filled with water, banana and mango leaves were placed at every door. Women sang auspicious sounds and chanted the name of Hari.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)