श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 420
 
 
श्लोक  2.23.420 
কাজীর ভাঙ্গিযা ঘর সর্ব-নগরিযা
মহানন্দে ঽহরিঽ বলিঽ যাযেন নাচিযা
काजीर भाङ्गिया घर सर्व-नगरिया
महानन्दे ऽहरिऽ बलिऽ यायेन नाचिया
 
 
अनुवाद
काजी का घर तोड़ने के बाद, नवद्वीप के सभी निवासियों ने हरि का नाम जपते हुए सड़क पर आनंद में नृत्य किया।
 
After demolishing the house of the Qazi, all the residents of Navadvipa danced in joy on the street, chanting the name of Hari.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)