श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 418
 
 
श्लोक  2.23.418 
কাজীরে করিযা দণ্ড সর্ব-লোক-রায
সঙ্কীর্তন-রসে সর্ব-গণে নাচিঽ যায
काजीरे करिया दण्ड सर्व-लोक-राय
सङ्कीर्तन-रसे सर्व-गणे नाचिऽ याय
 
 
अनुवाद
काजी को दण्ड देने के पश्चात् भगवान अपने गणों के साथ संकीर्तन के आनंद में नृत्य करने लगे।
 
After punishing the Qazi, the Lord started dancing with his followers in the joy of Sankirtan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)