vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण
»
श्लोक 411
श्लोक
2.23.411
অṁশাṁশের ক্রোধে যাঙ্র সকল সṁহারে
সে তুমি করিলে ক্রোধ কোন্ জনে তরে
अꣳशाꣳशेर क्रोधे याङ्र सकल सꣳहारे
से तुमि करिले क्रोध कोन् जने तरे
अनुवाद
जब आपके पूर्ण अंश के क्रोध से सब कुछ नष्ट हो जाता है, तो आपके क्रोध से कौन बच सकता है?
When everything is destroyed by the anger of your full part, who can escape your anger?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×