श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 410
 
 
श्लोक  2.23.410 
যে রুদ্র সকল সৃষ্টি ক্ষণেকে সṁহারে
শেষে তিঙ্হো আসিঽ মিলে তোমার শরীরে
ये रुद्र सकल सृष्टि क्षणेके सꣳहारे
शेषे तिङ्हो आसिऽ मिले तोमार शरीरे
 
 
अनुवाद
“वही रुद्र जो क्षण भर में सृष्टि का विनाश कर देता है, अंततः आपके शरीर में विलीन हो जाता है।
 
“The same Rudra who destroys the universe in a moment, ultimately merges into your body.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)