श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 407
 
 
श्लोक  2.23.407 
ঊর্ধ্ব-বাহু করিযা সকল ভক্ত-গণ
প্রভুর চরণে ধরিঽ করে নিবেদন
ऊर्ध्व-बाहु करिया सकल भक्त-गण
प्रभुर चरणे धरिऽ करे निवेदन
 
 
अनुवाद
भक्तों ने अपनी भुजाएं ऊपर उठाकर भगवान के चरण पकड़ लिए और उनसे इस प्रकार प्रार्थना की।
 
The devotees raised their arms and held the feet of the Lord and prayed to Him in this manner.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)