श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 398
 
 
श्लोक  2.23.398 
ভাঙ্গিলেন যত সব বাহিরের ঘর
প্রভু বলে,—“অগ্নি দেহঽ বাডীর ভিতর
भाङ्गिलेन यत सब बाहिरेर घर
प्रभु बले,—“अग्नि देहऽ बाडीर भितर
 
 
अनुवाद
जब काजी के घर का बाहरी हिस्सा टूट गया, तो भगवान ने आदेश दिया, "घर के अंदर का हिस्सा जला दो।"
 
When the outside of the Qazi's house was destroyed, God ordered, "Burn the inside of the house."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)