श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 391
 
 
श्लोक  2.23.391 
সর্ব-ভূত অন্তর্যামীশ্রী-শচী-নন্দন
আজ্ঞা লঙ্ঘিবেক হেন আছে কোন্ জন
सर्व-भूत अन्तर्यामीश्री-शची-नन्दन
आज्ञा लङ्घिबेक हेन आछे कोन् जन
 
 
अनुवाद
शचीपुत्र परमात्मा समस्त जीवों के हृदय में स्थित हैं। उनकी आज्ञा का उल्लंघन कौन कर सकता है?
 
The Supreme Being, the son of Sachi, resides in the hearts of all living beings. Who can disobey His command?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)