vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण
»
श्लोक 391
श्लोक
2.23.391
সর্ব-ভূত অন্তর্যামীশ্রী-শচী-নন্দন
আজ্ঞা লঙ্ঘিবেক হেন আছে কোন্ জন
सर्व-भूत अन्तर्यामीश्री-शची-नन्दन
आज्ञा लङ्घिबेक हेन आछे कोन् जन
अनुवाद
शचीपुत्र परमात्मा समस्त जीवों के हृदय में स्थित हैं। उनकी आज्ञा का उल्लंघन कौन कर सकता है?
The Supreme Being, the son of Sachi, resides in the hearts of all living beings. Who can disobey His command?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×