श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 370
 
 
श्लोक  2.23.370 
সব ভাবকের বড নিমাই পণ্ডিত
সবে চলে, সে নাচিযা যায যেই ভিত
सब भावकेर बड निमाइ पण्डित
सबे चले, से नाचिया याय येइ भित
 
 
अनुवाद
"निमाई पंडित उन भावुक भक्तों के नेता हैं। वे जिस दिशा में नृत्य करते हैं, सभी लोग उनका अनुसरण करते हैं।"
 
"Nimai Pandit is the leader of those passionate devotees. Whichever direction he dances, everyone follows."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)