vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण
»
श्लोक 350
श्लोक
2.23.350
সে কমল-নযনে বা কত আছে জল
কতেক বা ধারা বহে পরম নির্মল
से कमल-नयने वा कत आछे जल
कतेक वा धारा वहे परम निर्मल
अनुवाद
कौन जानता है कि भगवान के कमल-नेत्रों से कितनी धाराओं में कितना निर्मल जल बहता था?
Who knows how many streams of pure water flowed from the Lord's lotus eyes?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×