vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 2: मध्य-खण्ड
»
अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण
»
श्लोक 345
श्लोक
2.23.345
ঽআইসে করিযা কাজীঽ বচন তোলাই
তবে এক জনা ও না রহিব তার ঠাঞি”
ऽआइसे करिया काजीऽ वचन तोलाइ
तबे एक जना ओ ना रहिब तार ठाञि”
अनुवाद
हम उनसे कहेंगे, ‘काजी आ रहे हैं।’ फिर यहां एक भी व्यक्ति नहीं बचेगा।”
We will tell them, 'The Qazi is coming.' Then not a single person will be left here."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×