श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 340
 
 
श्लोक  2.23.340 
যত দেখ মহাতাপ দেউটি সকল
যত দেখ হের সব ভাবক-মণ্ডল
यत देख महाताप देउटि सकल
यत देख हेर सब भावक-मण्डल
 
 
अनुवाद
“काजी इन सभी बड़ी मशालों को देखेंगे, और वह इन सभी भावुक भक्तों को देखेंगे।
 
“The Qazi will see all these big torches, and he will see all these passionate devotees.
तात्पर्य
दीपक को दोउटी कहते है |
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)