श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 331
 
 
श्लोक  2.23.331 
হেন নাম লও, ছাডঽ সর্ব অপকার
ভজ বিশ্বম্ভর, নহে করিমু সṁহার”
हेन नाम लओ, छाडऽ सर्व अपकार
भज विश्वम्भर, नहे करिमु सꣳहार”
 
 
अनुवाद
“इन पवित्र नामों का जप करो, सभी दुष्ट गतिविधियों को त्याग दो, और विश्वम्भर की पूजा करो, अन्यथा मैं तुम्हारा विनाश कर दूँगा।”
 
“Chant these holy names, give up all evil activities, and worship Vishvambhara, otherwise I will destroy you.”
तात्पर्य
किसी भी प्रकार के दुष्‍कर्म में संलग्‍न होने की इच्‍छा का त्‍याग करने से भगवान के नामों का जप करने की प्रवृत्ति विकसित होती है। विश्‍वम्‍भर गौरसुन्‍दर पूरे विश्‍व के पालनकर्ता है और पवित्र नामों का वि‍तरण करके ही पूरे विश्‍व का पालन करते है। पवित्र नामों का जप करने वालों के पापमय विचारों को पूर्ण रूप से नष्‍ट करने के लिये श्री गौरसुन्‍दर और उनके निजी सेवक धर्मराज उत्‍सुक है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)