श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 303
 
 
श्लोक  2.23.303 
সকল দুযার শোভা করে সুমঙ্গলে
রম্ভা, পূর্ণ-ঘট, আম্রসার, দীপ জ্বলে
सकल दुयार शोभा करे सुमङ्गले
रम्भा, पूर्ण-घट, आम्रसार, दीप ज्वले
 
 
अनुवाद
हर दरवाजे पर केले, पानी से भरे मिट्टी के बर्तन, आम की टहनियाँ और घी के दीपक जैसी शुभ वस्तुएं रखी हुई थीं।
 
Auspicious items like bananas, earthen pots filled with water, mango branches and ghee lamps were placed at every door.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)