श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 298
 
 
श्लोक  2.23.298 
গঙ্গা-তীরে তীরে পথ আছে নদীযায
আগে সেই পথে নাচি যায গৌর-রায
गङ्गा-तीरे तीरे पथ आछे नदीयाय
आगे सेइ पथे नाचि याय गौर-राय
 
 
अनुवाद
भगवान गौरांग ने सबसे पहले नदिया में गंगा के तट पर पथ पर नृत्य किया था।
 
Lord Gauranga first danced on the path on the banks of the Ganga in Nadia.
तात्पर्य
पिछले समय में श्री गौरासुंदर द्वारा किए गए मनोरंजनों के दौरान गंगा नदी के तल की जानकारी योगपीठ, श्रीधाम मायापुर के कुछ भक्तों द्वारा समझ ली गई है। आज भी उस नदी तल के अवशेष देखे जा सकते हैं। इस नदी तल से बहकर गंगा उत्तर-पश्चिम की ओर से आती थी। महाप्रभु ने कीर्तन पार्टी का नेतृत्व इस नदी तल की ओर स्थित मार्ग पर किया था।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)