श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 292
 
 
श्लोक  2.23.292 
জয জয জয, নগর-কীর্তন,
জয বিশ্বম্ভর-নৃত্য
বিṁশ-পদ-গীত, চৈতন্য-চরিত,
জয চৈতনযের ভৃত্য
जय जय जय, नगर-कीर्तन,
जय विश्वम्भर-नृत्य
विꣳश-पद-गीत, चैतन्य-चरित,
जय चैतनयेर भृत्य
 
 
अनुवाद
संकीर्तन जुलूस की जय हो! विश्वम्भर के नृत्य की जय हो! भगवान चैतन्य के गुणों का वर्णन करने वाले बीस श्लोकों की जय हो! भगवान चैतन्य के सेवकों की जय हो!
 
Hail the Sankirtana procession! Hail the dance of Visvambhara! Hail the twenty verses describing the qualities of Lord Chaitanya! Hail the servants of Lord Chaitanya!
तात्पर्य
विंश-पद-गीत पदावली नाचे विश्वम्भर आदि पद से लेकर माझे शोभें द्विज राजे पद पर्यंत बीस पदों की होती है।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)