श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  2.23.28 
নৃত্য করে চতুর্দশ ভুবনের নাথ
চতুর্-দিকে মহা-ভাগ্যবন্ত-বর্গ-সাথ
नृत्य करे चतुर्दश भुवनेर नाथ
चतुर्-दिके महा-भाग्यवन्त-वर्ग-साथ
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् चौदह लोकों के स्वामी अपने परम भाग्यशाली पार्षदों के बीच नृत्य करने लगे।
 
Thereupon the Lord of the fourteen worlds began to dance among his most fortunate associates.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)