श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 270
 
 
श्लोक  2.23.270 
—এই সব কীর্তনে নাচযে গৌরচন্দ্র
ব্রহ্মাদি সেবযে যাঙ্র পাদ-পদ্ম-দ্বন্দ্ব
—एइ सब कीर्तने नाचये गौरचन्द्र
ब्रह्मादि सेवये याङ्र पाद-पद्म-द्वन्द्व
 
 
अनुवाद
ब्रह्मा आदि देवताओं द्वारा सेवित भगवान गौरचन्द्र इस कीर्तन के बीच नृत्य कर रहे थे।
 
Lord Gaurachandra, served by gods like Brahma, was dancing amidst this kirtan.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)