श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 239
 
 
श्लोक  2.23.239 
তিল-মাত্র অনাচার হেন ভূমি নাই
পরম উত্তম হৈল সর্ব-ঠাঞি-ঠাঞি
तिल-मात्र अनाचार हेन भूमि नाइ
परम उत्तम हैल सर्व-ठाञि-ठाञि
 
 
अनुवाद
कहीं भी ज़रा भी दुर्व्यवहार नहीं पाया गया। वे सभी स्थान अत्यंत पवित्र हो गए।
 
There was no misconduct anywhere. All those places became extremely sacred.
तात्पर्य
हरी-कीर्तन के प्रभाव से वे सारे स्थान पवित्र हो गये । यहाँ तक कि मामूली स्थान भी अब कीर्तन रहित विषय वासना की सुनसान जगह की तरह नहीं रहे ।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)