श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 214
 
 
श्लोक  2.23.214 
চতুর্-দিকে কোটি কোটি মহা-দীপ জ্বলে
কোটি কোটি লোক চতুর্-দিকে ঽহরিঽ বলে
चतुर्-दिके कोटि कोटि महा-दीप ज्वले
कोटि कोटि लोक चतुर्-दिके ऽहरिऽ बले
 
 
अनुवाद
चारों दिशाओं में लाखों बड़ी मशालें जल उठीं और लाखों लोगों ने चारों दिशाओं में हरि नाम का जाप किया।
 
Lakhs of big torches were lit in all four directions and lakhs of people chanted the name of Hari in all four directions.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)