श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 210
 
 
श्लोक  2.23.210 
সবেই নাচেন প্রভু বেডিযা গাযেন
আনন্দে পূর্ণিত প্রভু-সṁহতি যাযেন
सबेइ नाचेन प्रभु वेडिया गायेन
आनन्दे पूर्णित प्रभु-सꣳहति यायेन
 
 
अनुवाद
वे सभी भगवान के चारों ओर नाचते और गाते रहे, और भगवान बड़े आनंद में आगे बढ़ते रहे।
 
They all continued dancing and singing around the Lord, and the Lord continued moving forward in great joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)