श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 208
 
 
श्लोक  2.23.208 
মধু-কণ্ঠ হৈলেন সর্ব ভক্ত-গণ
কভু নাহি গাযে—সেহো হৈল গাযন
मधु-कण्ठ हैलेन सर्व भक्त-गण
कभु नाहि गाये—सेहो हैल गायन
 
 
अनुवाद
सभी भक्तजन मधुर स्वर में गाने लगे। जो पहले कभी नहीं गाते थे, वे भी गाने लगे।
 
All the devotees began to sing in melodious voices, even those who had never sung before.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)