श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 203
 
 
श्लोक  2.23.203 
আচার্য গোসাঞি আগে জন কত লঞান্
ঋত্য করিঽ চলিলেন পরমানন্দ হঞা
आचार्य गोसाञि आगे जन कत लञान्
ऋत्य करिऽ चलिलेन परमानन्द हञा
 
 
अनुवाद
अद्वैत आचार्य ने अपने समूह का नेतृत्व किया और आगे बढ़ते हुए बड़े आनंद में नृत्य किया।
 
Advaita Acharya led his group and danced in great joy as he went ahead.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)