श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  2.23.20 
সেই বিপ্র প্রতি-দিন শ্রীবাসের স্থানে
নৃত্য দেখিবার লাগিঽ সাধযে আপনে
सेइ विप्र प्रति-दिन श्रीवासेर स्थाने
नृत्य देखिबार लागिऽ साधये आपने
 
 
अनुवाद
यह ब्राह्मण प्रतिदिन श्रीवास से भगवान का नृत्य देखने की अनुमति देने का अनुरोध करता था।
 
This Brahmin used to request Srivasa every day to allow him to watch the Lord dance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)