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श्री चैतन्य भागवत
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खण्ड 2: मध्य-खण्ड
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अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण
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श्लोक 196
श्लोक
2.23.196
ঽস্তুতি-হেনঽ না মানিহ এ-সকল কথা
এই মত হযে—কৃষ্ণ বিহরেন যথা
ऽस्तुति-हेनऽ ना मानिह ए-सकल कथा
एइ मत हये—कृष्ण विहरेन यथा
अनुवाद
इन बातों को अतिशयोक्ति न समझें। जहाँ भी कृष्ण आनंदित होते हैं, वहाँ ऐसी बातें घटित होती हैं।
Don't take these things as exaggerations. Wherever Krishna is happy, such things happen.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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