श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 188
 
 
श्लोक  2.23.188 
প্রভুর শ্রী-মুখ দেখিঽ সব নারী-গণ
হুলাহুলি দিযা ঽহরিঽ বলে অনুক্ষণ
प्रभुर श्री-मुख देखिऽ सब नारी-गण
हुलाहुलि दिया ऽहरिऽ बले अनुक्षण
 
 
अनुवाद
भगवान का सुन्दर मुख देखकर सभी स्त्रियाँ मंगल ध्वनि करने लगीं और निरन्तर हरि नाम का जप करने लगीं।
 
Seeing the beautiful face of the Lord, all the women started making auspicious sounds and continuously chanting the name of Hari.
तात्पर्य
हुलहुली शब्द उलू-ध्वनि का सन्दर्भ देता है, एक ध्वनि जो बाँग्ला महिलाएं अपनी जीभों को कंपाकर निकालती हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)