श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 175
 
 
श्लोक  2.23.175 
তথাপিহ বলি তান কৃপা-অনুসারে
অন্যথা সে-রূপ কহিবারে কেবা পারে
तथापिह बलि तान कृपा-अनुसारे
अन्यथा से-रूप कहिबारे केबा पारे
 
 
अनुवाद
फिर भी उनकी कृपा से मैं समझाने का प्रयत्न कर रहा हूँ, अन्यथा उनके सुन्दर रूप का वर्णन कौन कर सकता है?
 
Still, by His grace I am trying to explain, otherwise who can describe His beautiful form?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)