श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 172
 
 
श्लोक  2.23.172 
প্রভু মাত্র বাহির হৈলা নৃত্য-রসে
ঽহরিঽ বলিঽ সর্ব লোক মহানন্দে ভাসে
प्रभु मात्र बाहिर हैला नृत्य-रसे
ऽहरिऽ बलिऽ सर्व लोक महानन्दे भासे
 
 
अनुवाद
जब भगवान आनंद में नाचते हुए आगे बढ़े तो सभी लोग हरि का नाम जपने लगे और आनंद की लहरों में तैरने लगे।
 
When the Lord moved forward dancing in joy, everyone started chanting the name of Hari and started floating in the waves of joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)