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श्लोक 2.23.165  |
কি শোভা হৈল সে বলিতে শক্তি কাঽর
কি সুখের না জানি হৈল অবতার |
कि शोभा हैल से बलिते शक्ति काऽर
कि सुखेर ना जानि हैल अवतार |
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| अनुवाद |
| उस अद्भुत दृश्य और वहाँ प्रकट हुए परमानंद का वर्णन करने की क्षमता किसमें है? |
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| Who has the ability to describe that wonderful scene and the bliss that unfolded there? |
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