श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 2: मध्य-खण्ड  »  अध्याय 23: काजी को उद्धार करने वाले दिन नवद्वीप में भगवान का भ्रमण  »  श्लोक 162
 
 
श्लोक  2.23.162 
হুঙ্কার করিলা প্রভু শচীর নন্দন
শব্দে পরিপূর্ণ হৈল সবার শ্রবণ
हुङ्कार करिला प्रभु शचीर नन्दन
शब्दे परिपूर्ण हैल सबार श्रवण
 
 
अनुवाद
शचीपुत्र की तेज गर्जना वहां उपस्थित सभी लोगों के कानों में गूंजने लगी।
 
The loud roar of Sachiputra started echoing in the ears of all the people present there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)